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Showing posts from April, 2026

आखिर ‘प्रषासनिक’ अमला ‘क्यों’ एक ईमानदार ‘बाबू’ से डर ‘रहा’?

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आखिर ‘प्रषासनिक’ अमला ‘क्यों’ एक ईमानदार ‘बाबू’ से डर ‘रहा’? बस्ती। वैसे भी आजकल ईमानदार बाबूओं का अकाल पड़ा हैं, ऐसे में अगर कोई बाबू ईमानदारी से अपना काम करना चाहता है, तो उससे यह कहकर काम नहीं लिया जाता कि तुम जैसे ईमानदार बाबू की जरुरत नहीं है। तुम, हम लोगों के अवैध कमाई के रास्ते में बाधक हो, अगर तुम रहोगे तो हम लोग नगर पंचायत को नहीं लूट पाएगें, इस लिए हम लोगों को तुम्हारे जैसे ईमानदार बाबू की आवष्यकता नहीं हैं, तुम आराम से घूमो-टहलो, जहां जाना चाहो जाओ, चाहे जितने दिन के लिए जाओ, तुम्हें कोई नहीं रोकेगा और न कुछ कहेगा, और न तुम्हारा वेतन ही कटेगा, अलबत्ता, तुमको हर माह वेतन भी मिलता रहेगा। एक बाबू बाबू चार साल से ईओ, चेयरमैन, कमिष्नर, डीएम और एडीएम को लिखकर देता आ रहा, कि साहब हम्हंे कोई काम तो दिलवा दीजिए, हम हराम का वेतन नहीं लेना चाहते, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं, काम देना और दिलाना तो बहुत दूर की बात है। सजातीय होने के नाते बाबू, सदर विधायक के पास भी यह फरियाद लेकर गया कि मुझे नगर पंचायत में कोई काम नहीं दे रहे हैं, काम दिलवा दीजिए, आप की बड़ी मेहरबानी होगी। इस पर विधायकजी ...

..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें?

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..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें? बस्ती। जिस तरह गांजा, स्मैक और हिस्टीषीटर का भाजपा के जिलाध्यक्ष के साथ गले मिलते फोटो वायरल हो रहा है, उससे लोग कहने लगे हैं, कि क्या भाजपा 2027 की नैया गांजा, स्मैक, तस्कर और हिस्टीषीटर के सहारे पार लगाएगी? यह भी सवाल उठ रहा है, कि क्या भाजपा नेताओं के पास खाटी कार्यकत्र्ताओं का अभाव हो गया, जो ऐसे लोगों को गले लगा रहे हैं, जो समाज और सरकार के दुष्मन के साथ हजारों परिवार के युवकों और बच्चों को नषे का लत लगाकर उनके भविष्य को बर्बाद करने का दोषी हो। अगर भाजपा का कोई नेता गांजा और स्मैक से कमाए गए पैसे से 20-25 किलो का माला पहनेगें, तो सवाल उठेगा ही। नुकसान माला पहनने वालों का कम और पार्टी का अधिक होगा। यहां पर गलती गांजा और स्मैक के तस्करों की नहीं हैं, बल्कि गलती तो उन भाजपा के जिम्मेदारों की है, जो ऐसे लोगों को सभासद मनोनीत कराते हैं, और जिनके हाथों से भारी भरकम फूलों की माला पहनकर फोटो वायरल करते है। जो फोटो जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हो रहा है, वह माना जाता है, कि उसे जिलाध्यक्ष ने नहीं बल्कि गांजा और स्मैक...

अगर ‘सीएमएस’ सुषमा जायसवाल ‘दृष्टिराष्ट’, तो बाबू बजरंगी ‘दुर्योधन’!

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अगर ‘सीएमएस’ सुषमा जायसवाल ‘दृष्टिराष्ट’, तो बाबू बजरंगी ‘दुर्योधन’! बस्ती। अगर कोई पुरुष अधिकारी भ्रष्टाचार करता है, तो लोगों को उतनी हैरान नहीं होती, लेकिन अगर वहीं पर कोई महिला अधिकारी पैसे के लिए अपना ईमान-धर्म बेचती तो लोगों को हैरानी अवष्य होती है। क्यों कि आज भी हमारे समाज में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक मान और सम्मान मिलता है। समाज को यह लगता है, कि महिलाएं अपने कार्यो और ईमानदारी के प्रति जितना संवेदनषील होती है, उतना पुरुष नहीं होते। आज भी अधिकतर लोगों का यह मानना है, कि महिलाओं के भीतर दया-भाव की भावना अधिक रहती है, उनके मन में चोर नहीं रहता, और न वह चोरी ही करती है। लेकिन अगर आप 100 बेड एमजीएच हर्रैया अस्पताल की सीएमएस मैडम सुषमा जायसवाल के क्रियाकलापों और उनके भ्रष्टाचार को देखेगें तो निष्चय ही आप लोगों को महिला अधिकारियों के बारे में अपनी राय को बदलना पड़ेगा। इन्होंने जिस तरह भ्रष्ट ठेकेदार ‘षुभम अग्रवाल’ नहीं ‘षुभग अग्रवाल’ के साथ मिलकर न सिर्फ अस्पताल के उच्चीकरण के नाम पर चार करोड़ से अधिक हेराफेरी की साजिष रची बल्कि सरकारी लैब पीओ सिटी के होते हुए अपने चहेते और क...

ष्यादवोंष् को भी ष्चैधरियोंष् जैसा ष्समझदारष् बनना ष्होगाष्!

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  ष्यादवोंष् को भी ष्चैधरियोंष् जैसा ष्समझदारष् बनना ष्होगाष्! बस्ती। यह सही हैए कि अगर प्रदेष का यादव भी चैधरियों जैसा समझदार हो जाएए तो हर जिले में इस वर्ग का एक बड़ा नेता के रुप उभर सकता है। इस लिए अगर यादव को चैधरियों जैसा नेता बनना है। चैधरियों जैसा रुतबा हासिल करना और उनके जैसा सम्मान पाना हैए तो यादवों को भी चैधरियों जैसा समझदार बनना पड़ेगा। यादव के लोगों को यह एहसास कराना होगा कि हम सिर्फ गाय चराने वालेए दूध बेचने वाले और पषुपालक ही नहीं बल्कि देष के निर्माण में अग्रहणी भूमिका निभाने वाले लोग भी है। हमारा भी कोई वजूद है। हम्हें न तो कोई बरगला सकता हैए और न अपने फायदे के लिए राजनीति में ही इस्तेमाल कर सकता है। कहा कि जिस दिन यादव वर्ग अपनी ताकत का एहसास करा दियाए उस दिन नेताओं को भी यादवों की अहमियत का पता चल जाएगा। यह बातें भाजपा जिला पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष ब्रहृमदेव उर्फ देवा ने कही। उन्होंने अखिलेष यादव पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उनके परिवार वाले ही सांसद बनेगेंए यह अन्य किसी बाहरी यादव को क्यों नहीं सांसद बनातेघ् क्यों नहीं उन्हें टिकट देतेघ् कहा कि इनका साम्राज्य समाप्त ह...

डिप्टी सीएम’ ने पकड़ी ‘सीएमओ’ के ‘नौ करोड़’ ‘की’ ‘चोरी’!

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  ‘डिप्टी सीएम’ ने पकड़ी ‘सीएमओ’ के ‘नौ करोड़’ ‘की’ ‘चोरी’! बस्ती। जिस मंत्री पर 30 लाख लेकर सीएमओ बनाने का आरोप हो, अगर वही मंत्री सीएमओ के नौ करोड़ के घोटाले का खुलासा करता है, तो इसे हम और आप क्या मानेगें और क्या समझेगें? कोई सीएमओ बिलकुल यह न समझे कि उसने 30 लाख दे दिया तो मंत्रीजी उन्हें बख्स देगें, किसी भी सीएमओ को अपने आप को तब तक सुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए, जब तक वह कमाई का हिस्सा मंत्रीजी को पहुंचाते रहेगें। जिस दिन हिस्सा देना बंद हो गया, उस दिन मंत्रीजी जैसा कोई ईमानदार नहीं होगा। वरना षोले के बंसती जैसा हाल हो जाएगा, जिसमें गब्बर सिंह बंसती को कहता है, कि ‘जब तक तेरे पैर चलेगें तब तक तेरे सांस चलेगी’। यह सच मंत्रीजी ने बस्ती के सीएमओ के मामले में साबित कर दिया। मंत्रीजी ने अब तक के सबसे बड़े घोटाले पर से न सिर्फ पर्दा हटाया, बल्कि जांच का आदेष भी दिया, इतना ही नहीं सीएमओ के नौ करोड़ के भुगतान पर भी रोक लगा दिया। कहने का मतलब मंत्रीजी ने सीएमओ पर चैतरफा हमला किया। स्वास्थ्य विभाग में इस तरह का चैतरफा हमला बहुत कम देखने को मिलता है। वह भी डिप्टी सीएम के द्वारा। कहते हैं, क...

चैकिंए’ मतः ‘जनरेटर’ और ‘कम्बाइन’ लाइए, ‘ईधन’ ले ‘जाइए’!

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‘चैकिंए’ मतः ‘जनरेटर’ और ‘कम्बाइन’ लाइए, ‘ईधन’ ले ‘जाइए’! बस्ती। चैंकिए मत, बड़े-बड़े जनरेटर का इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों के मालिकों और किसानों को ईधन के लिए अपने जनरेटर और कम्बाइन मषीन को पेटोल पंप तक ले जाना पड़ेगा। तभी उन्हें ईधन मिलेगा। किसी भी दषा में डम और जरकिन में ईधन नहीं मिलेगा। प्रतिष्ठान खुले या बंद हो जाए, या फिर कम्बाइन मषीन चले या न चले। डीएसओ को इससे कोई सरोकार नही। डीएसओ साहब ने बैनर के जरिए डीजल और पेटोल वाहनों के स्वामियों से कहा हैं, कि डीजल और पेटोल की कोई कमी नहीं हैं, आवष्यकतानुसार ही वाहनों में ईधन भरवाएं, स्पष्ट कहा गया है, कि किसी भी दषा में डम और जरकिन में ईधन नहीं मिलेगा। अगर किसी पंप वालों ने दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, डीएसओ साहब की नजर में डम और जरकिन में ईधन देने का मतलब भंडार करना। फरमान जारी करने से पहले डीएसओ साहब यह भूल गए, कि वे प्रतिष्ठान जिनके यहां बड़े-बड़े साइलेंसरयुक्त जेनरेटर लगे हैं, उन्हें कैसे ईधन मिलेगा? क्या वह लोग जनरेटर को क्रेन से पंप तक ले जाएगें? क्यों नहीं ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए ईधन की कोई व्यवस्था की गई? सवाल उठ रहा है, कि ...

कृषि विभाग’ में सबकुछ ‘बिकता’, बस खरीदार ‘चाहिए’!

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  ‘कृषि विभाग’ में सबकुछ ‘बिकता’, बस खरीदार ‘चाहिए’! बस्ती। कृषि विभाग प्रदेष का पहला ऐसा विभाग होगा, जहां पर सबकुछ बिकता, बस खरीदार चाहिए। यह वही विभाग हैं, जिसके मंत्री सूर्यप्रताप षाही को स्थानीय पत्रकार ने खुले आम कहा था, कि क्या तुम मंत्री बनने लायक हो। जिस विभाग के मंत्री को एक पत्रकार यह चैलेंज करे कि हिम्मत हो तो एफआईआर दर्ज करवाकर दिखाओ। उस विभाग के अधिकारी और बाबू अगर पटल बेंचते, वेतन बेचतें, कृषि यंत्र बेचते और जांच रिपोर्ट बेचते हैे, तो इसमें हैरान होने जैसी कोई बात नहीं है। जो मंत्री भ्रष्ट जेडीए, उप निदेषक कृषि और जिला कृषि अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए, उन्हें खाद और कृषि यंत्रों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का मौका दें, उस विभाग को बर्बाद और गर्त में जाने से कौन बचा पाएगा? इस सवाल का जबाव योगीजी के पास भी नहीं होगा, क्यों कि इन पर भी भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा देने और बचानेे का आरोप लग रहें है। जिस विभाग के अधिकारी पैसे के लिए ईमान और धर्म तक बेचने को तैयार हो जाएं, उस विभाग में जांच रिपोर्ट को बेचने में कितना समय लगेगा? वरिष्ठ लिपिक पुनीत पांडेय...