..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें?
..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें? बस्ती। जिस तरह गांजा, स्मैक और हिस्टीषीटर का भाजपा के जिलाध्यक्ष के साथ गले मिलते फोटो वायरल हो रहा है, उससे लोग कहने लगे हैं, कि क्या भाजपा 2027 की नैया गांजा, स्मैक, तस्कर और हिस्टीषीटर के सहारे पार लगाएगी? यह भी सवाल उठ रहा है, कि क्या भाजपा नेताओं के पास खाटी कार्यकत्र्ताओं का अभाव हो गया, जो ऐसे लोगों को गले लगा रहे हैं, जो समाज और सरकार के दुष्मन के साथ हजारों परिवार के युवकों और बच्चों को नषे का लत लगाकर उनके भविष्य को बर्बाद करने का दोषी हो। अगर भाजपा का कोई नेता गांजा और स्मैक से कमाए गए पैसे से 20-25 किलो का माला पहनेगें, तो सवाल उठेगा ही। नुकसान माला पहनने वालों का कम और पार्टी का अधिक होगा। यहां पर गलती गांजा और स्मैक के तस्करों की नहीं हैं, बल्कि गलती तो उन भाजपा के जिम्मेदारों की है, जो ऐसे लोगों को सभासद मनोनीत कराते हैं, और जिनके हाथों से भारी भरकम फूलों की माला पहनकर फोटो वायरल करते है। जो फोटो जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हो रहा है, वह माना जाता है, कि उसे जिलाध्यक्ष ने नहीं बल्कि गांजा और स्मैक...