नियम-कानून’ जानिए, ‘ब्याज माफियों’ को जेल ‘भेजवाइए’
‘नियम-कानून’ जानिए, ‘ब्याज माफियों’ को जेल ‘भेजवाइए’ बस्ती। कानून के जानकार अधिवक्ता अनिल कहते हैं, कि जिस दिन ब्याज पर कर्ज लेने वालों को नियम और कानून की जानकारी हो जाएगी, उस दिन ब्याज माफिया जेल में नजर आएगंे। कहते हैं, कि जानकारी के अभाव में ही आज ब्याज माफिया के चक्रव्यू में फंसकर अब तक न जाने कितने परिवार बर्बाद हो चुकें, और न जाने कितनों ने आत्म हत्या कर ली, उसके बाद भी अवैध कारोबार फलफूल रहा है। ब्याज के पैसे से लोग चुनाव लड़ने की तैयारी तक कर रहे है। इनमें सबसे बड़ा ब्याज माफिया का नाम भी षामिल है। कहते हैं, जिले के अंतिम मनी लैंडर का लाइसेंस 1980 तक कालीदीन चौधरी के पास रहा। उसके बाद किसी को भी मनी लैंडर यानि ब्याज पर कर्ज देने का लाइसेंस नहीं मिला। आरबीआई की गाइड लाइन के तहत एक फीसद भी अधिक ब्याज लाइसेंसधारक नहीं ले सकता। अगर सालाना 12-13 फीसद ब्याज दर है, तो 13-14 फीसद कोई नहीं ले सकता। लेकिन आज का ब्याज माफिया तो माह 13 और सालाना 133 फीसद ब्याज ले रहा है। किस व्यक्ति को कितने ब्याज पर कितना रुपया दिया, उसने साल भर में कितना लौटाया और कितना अवषेष रह गया का हिसाब-किताब रख...