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रिजेंट’ घोटाले में ‘कारपोरेषन’ के ‘एमडी’ की भूमिका ‘संदिग्ध’!

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‘रिजेंट’ घोटाले में ‘कारपोरेषन’ के ‘एमडी’ की भूमिका ‘संदिग्ध’! -गोरखपुर/बस्ती मंडल के एक भाजपा के कदावर नेता को मुंह बंद रखने को हर तीसरे महीना दो करोड़ जाता -जब हमारा मंत्री हिस्सा लेता है, तो अगर हमने ले लिया तो कौन सा गुनाह कर दिया -पीओ सिटी कंपनी एक पावरफुल रिटायर प्रमुख सचिव की कंपनी, इसे लाभ पहुंचाने के लिए सरकार का सैकड़ों करोड़ का नुकसान पहुंचाया जा रहा -बिना टेंडर से डायरेक्ट 163 रिजेंट की आपूर्ति करने का आर्डर दे दिया, कारपोरेषन ने 778 टेंडर किया, लेकिन रिजेंट कर नहीं किया? -योगी सरकार के अधिकारियों ने नौकरी में भी भ्रष्टाचार किया और नौकरी के बाद भी सुरक्षित भ्रष्टाचार कर रहें बस्ती। लगभग पांच सौ करोड़ के रिजेंट घोटाले में सबसे अधिक सवालों के घेरे में उत्तर प्रदेष मेडिकल सप्लाई कारपोरेषन लि. के एमडी और उनकी टीम आ रही है। पूछा जा रहा है, कि जब दवाओं सहित अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सामानों का 778 टेंडर निकाल सकते हैं, तो क्यों नहीं रिजेंट का टेंडर निकाला? और क्यों बिना टेंडर के पीओ सिटी सर्विसेज कानपुर को रिजेंट आपूर्ति करने का डायरेक्ट आर्डर दे दिया? वह भी 2033 तक। सबसे बड़ा ...

रिजेंट’ खरीद ‘में’ हुआ ‘500’ करोड़ का ‘घोटाला’

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  ‘रिजेंट’ खरीद ‘में’ हुआ ‘500’ करोड़ का ‘घोटाला’ बस्ती। योगीजी के नाक के नीचे हर साल पांच सौ करोड़ से अधिक का घोटाला ‘रिजेंट’ की खरीद में हो रहा है, और योगीजी घूम-घूमकर जीरो टालरेंस का ढोलक बजा रहे है। इस रिजेंट का इस्तेमाल मरीजों के खून की जांच के लिए होता है। हर साल लगभग पांच सौ करोड़ के रिजेंट की खरीद प्रदेष के विभिन्न जनपदों के उन अस्पतालों के सीएमएस और एसआईसी करते हैं, जहां पर पीओ सिटी का लैब संचालित हो रहा है। इस फर्म का लैब बस्ती के जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल, टीबी अस्पताल और 100 बेड एमजीएच हर्रैया अस्पताल में स्थापित है। यही लोग मिलकर पीओ सिटी से रिजेंट की खरीद और भुगतान करते है। इसे घोटाला कहिए या फिर सरकार को चूना लगाना मानिए, यूपीएमएससीएल यानि उत्तर प्रदेष मेडिकल सप्लाई कारपोषन लि. के एमडी और पीओ सिटी सर्विसेज कानपुर मिलकर कर रहे है। एक साजिष के तहत जेम पर पीओ सिटी को लैब में इस्तेमाल होने वाले रिजेंट आपूर्ति का अनुबंध किया गया। आप लोगों को जानकर हैरानी होगी कि लगभग पांच हजार करोड़ की खरीद खरीद का अनुबंध 10 साल के लिए किया, जबकि नियमानुसार हर साल टेंडर निकलना और अनुबं...

डा. प्रमोद’ चैधरी ने दिया ‘इस्तीफा’, पप्पू ‘सरदार’ बन ‘सकते’ नये ‘सभापति

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‘डा. प्रमोद’ चैधरी ने दिया ‘इस्तीफा’, पप्पू ‘सरदार’ बन ‘सकते’ नये ‘सभापति’ बस्ती। नीजि कारणों से रेडक्रास सोसायटी बस्ती के सभापति डा. प्रमोद कुमार चैधरी ने इस्तीफा दे दिया। इसकी पुष्टि कोषाध्यक्ष राजेष ओझा ने की। इस्तीफे के बाद नए सभापति के लिए मंथन होना षुरु भी हो गया। चर्चा है, कि सरदार कुलवेंद्र सिंह मजहबी नए सभापति के रुप में षपथ ले सकते हैं, इनके नामों पर आम सहमति बनने की पूरी संभावना है। इस उथल-पुथल के बीच कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व सचिव इंडिएन रेडक्रास सोसायटी सरदार कुलवेंद्र सिंह मजहबी ने मंगलवार को जिलाधिकारी/अध्यक्ष रेडक्रास सोसायटी को पत्र लिखकर उनसे नए पदाधिकारियों के गठन की प्रक्रिया संपन्न करवाने की अपील की है। ताकि इंडिएन रेडक्रास सोसायटी बस्ती षाखा अपने सामाजिक और मानवीय दायित्वों एवं उद्वेष्यों की पूर्ति कर सके। यह भी निवेदन किया कि नई कार्यकारिणी के गठन होने तक इंडिएन रेडक्रास सोसायटी के बैंक खातों पर किसी भी प्रकार के लेन-देन पर रोक लगाई जाए। इंडिएन रेडक्रास सोसायटी के चुने हुए कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक बुलाकर सदस्यों के पूर्व में और सभापति के इस्तीफे पर विचार करत...

पंकजजी’, पार्टी को ‘हरीष द्विवेदी’ और ‘विवेकानंद मिश्र’ से बचा ‘लीजिए’!

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  ‘पंकजजी’, पार्टी को ‘हरीष द्विवेदी’ और ‘विवेकानंद मिश्र’ से बचा ‘लीजिए’! बस्ती। अगर कोई महिला 25 साल से पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा कर रही हो और अगर वह प्रदेष अध्यक्ष पंकजजी को यह पत्र लिखती है, कि पार्टी को पूर्व सांसद हरीष द्विवेदी और वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र से बचा लीजिए, वरना पार्टी डूब जाएगी, तो स्थित को गंभीर माना जा सकता है। महिला ने एक तरह से उन लोगों के आरोपों को सही साबित करने का प्रयास किया, जिसमें यह कहा जाता रहा है, कि यह दोनों को जो चाहते हैं, पार्टी और जिले में वही होता है। महिला ने लिखा कि इसे लेकर पार्टी के कार्यकत्र्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। कहती है, कि इसी रोष के चलते जिले से चार विधायक और एक सांसद को हार का मुंह देखना पड़ा। स्पष्ट लिखा कि हर्रैया मंडल अध्यक्ष किरन सिंह ने जो पत्र अध्यक्षजी को लिखा हैं, उससे पता चलता है, कि पूर्व सांसद के चलते ही जिले से भाजपा को चार सीट गवांनी पड़ी। जिले में क्या हो रहा है। पत्र में लिखा गया कि मैं 25 सालों से भाजपा की निष्ठापूर्वक निरंतर सेवा करती आ रही हूं, इसी सेवा के चलते पार्टी ने महिला मंडल हर्रैया, महिला सष...

एक का ‘दो’ डिब्बा बनाकर ‘करोड़ों’ के ‘दवाओं’ की ‘हुई’ फर्जी ‘खरीद’!

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‘एक का ‘दो’ डिब्बा बनाकर ‘करोड़ों’ के ‘दवाओं’ की ‘हुई’ फर्जी ‘खरीद’!        -खुल गई हर्रैया के 100 बेड वाले महिला अस्पताल की सीएमएस सुषमा जायसवाल, चीफ फार्मासिस्ट ध्रुव वर्मा, जेम पोर्टल प्रभारी डा. मनोज चैधरी, बाबू बजरंग प्रसाद और आपूर्तिकत्र्ताओं की पोल बस्ती। आज हम आप लोगों को ऐसे फर्जीवाड़े के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप लोगों ने न तो कभी देखा होगा और न कभी सुना ही होगा। यह अनोखा फर्जीवाड़ा और कहीं नहीं बल्कि 100 बेड एमजीएच अस्पताल हर्रैया में हुआ। इस अनोखे फर्जीवाड़े के चलते सीएमएस सुषमा जायसवाल, स्टोर इंचार्ज/चीफ फार्मासिस्ट ध्रुव वर्मा, जेम पोर्टल प्रभारी डा. मनोज चैधरी, सीएमएस के चहेते एवं सबसे अधिक भरोसेमंद बाबू बजरंग प्रसाद और आपूर्तिकत्र्ता की तिजोरी भर गई। इन लोगों ने मिलकर पिछले तीन सालों में करोड़ों की दवाओं को कागजों में ही खरीदा, अस्पताल में एक रुपये की भी दवा नहीं आई, लेकिन भुगतान करोड़ों में हुआ। अगर इसकी उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो न जाने कितने की नौकरी तो खतरें में पड़ेगी ही साथ ही वे लोग जेल में नजर आएगें। अब आप लोग सोच रहे होगें, कि बिना दवाओं के...

आखिर ‘प्रषासनिक’ अमला ‘क्यों’ एक ईमानदार ‘बाबू’ से डर ‘रहा’?

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आखिर ‘प्रषासनिक’ अमला ‘क्यों’ एक ईमानदार ‘बाबू’ से डर ‘रहा’? बस्ती। वैसे भी आजकल ईमानदार बाबूओं का अकाल पड़ा हैं, ऐसे में अगर कोई बाबू ईमानदारी से अपना काम करना चाहता है, तो उससे यह कहकर काम नहीं लिया जाता कि तुम जैसे ईमानदार बाबू की जरुरत नहीं है। तुम, हम लोगों के अवैध कमाई के रास्ते में बाधक हो, अगर तुम रहोगे तो हम लोग नगर पंचायत को नहीं लूट पाएगें, इस लिए हम लोगों को तुम्हारे जैसे ईमानदार बाबू की आवष्यकता नहीं हैं, तुम आराम से घूमो-टहलो, जहां जाना चाहो जाओ, चाहे जितने दिन के लिए जाओ, तुम्हें कोई नहीं रोकेगा और न कुछ कहेगा, और न तुम्हारा वेतन ही कटेगा, अलबत्ता, तुमको हर माह वेतन भी मिलता रहेगा। एक बाबू बाबू चार साल से ईओ, चेयरमैन, कमिष्नर, डीएम और एडीएम को लिखकर देता आ रहा, कि साहब हम्हंे कोई काम तो दिलवा दीजिए, हम हराम का वेतन नहीं लेना चाहते, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं, काम देना और दिलाना तो बहुत दूर की बात है। सजातीय होने के नाते बाबू, सदर विधायक के पास भी यह फरियाद लेकर गया कि मुझे नगर पंचायत में कोई काम नहीं दे रहे हैं, काम दिलवा दीजिए, आप की बड़ी मेहरबानी होगी। इस पर विधायकजी ...

..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें?

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..तो ‘क्या’ अब ‘भाजपा’ का ‘खेवनहार’ गांजा, स्मैक तस्कर और ‘हिस्टीषीटर’ बनेगें? बस्ती। जिस तरह गांजा, स्मैक और हिस्टीषीटर का भाजपा के जिलाध्यक्ष के साथ गले मिलते फोटो वायरल हो रहा है, उससे लोग कहने लगे हैं, कि क्या भाजपा 2027 की नैया गांजा, स्मैक, तस्कर और हिस्टीषीटर के सहारे पार लगाएगी? यह भी सवाल उठ रहा है, कि क्या भाजपा नेताओं के पास खाटी कार्यकत्र्ताओं का अभाव हो गया, जो ऐसे लोगों को गले लगा रहे हैं, जो समाज और सरकार के दुष्मन के साथ हजारों परिवार के युवकों और बच्चों को नषे का लत लगाकर उनके भविष्य को बर्बाद करने का दोषी हो। अगर भाजपा का कोई नेता गांजा और स्मैक से कमाए गए पैसे से 20-25 किलो का माला पहनेगें, तो सवाल उठेगा ही। नुकसान माला पहनने वालों का कम और पार्टी का अधिक होगा। यहां पर गलती गांजा और स्मैक के तस्करों की नहीं हैं, बल्कि गलती तो उन भाजपा के जिम्मेदारों की है, जो ऐसे लोगों को सभासद मनोनीत कराते हैं, और जिनके हाथों से भारी भरकम फूलों की माला पहनकर फोटो वायरल करते है। जो फोटो जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हो रहा है, वह माना जाता है, कि उसे जिलाध्यक्ष ने नहीं बल्कि गांजा और स्मैक...